हिंदी शब्द रचना और विकार
शून्य से शिखर तक की गहराई के साथ इस विषय में महारत हासिल करें।
Expert Answer & Key Takeaways
Mastering हिंदी शब्द रचना और विकार is essential for high-fidelity technical architecture and senior engineering roles in 2026.
हिंदी शब्द रचना और विकार
शब्दों की बनावट और उनमें होने वाले परिवर्तनों को शब्द रचना कहते हैं।
1. व्याकरणिक कोटियाँ
- लिंग (Gender): हिंदी में दो लिंग होते हैं: पुल्लिंग (पुरुष जाति) और स्त्रीलिंग (स्त्री जाति)।
- वचन (Number): एकवचन (एक संख्या) और बहुवचन (अधिक संख्या)। कुछ शब्द जैसे 'प्राण', 'हस्ताक्षर' सदैव बहुवचन होते हैं।
- काल (Tense): कार्य के समय का बोध कराने वाले रूप। (वर्तमान, भूत और भविष्य)।
2. उपसर्ग और प्रत्यय
- उपसर्ग (Prefix): वे शब्दांश जो शब्द के प्रारंभ (आदि) में जुड़कर उसका अर्थ बदल देते हैं।
- प्रत्यय (Suffix): वे शब्दांश जो शब्द के अंत में जुड़ते हैं।
- कृत्: क्रिया (धातु) के पीछे लगने वाले।
- तद्धित: संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण के पीछे लगने वाले।
3. संधि (Join)
दो वर्णों के मेल से होने वाले विकार को संधि कहते हैं।
- स्वर संधि: दो स्वरों का मेल (जैसे: हिम + आलय = हिमालय)।
- व्यंजन संधि: व्यंजन का व्यंजन या स्वर से मेल।
- विसर्ग संधि: विसर्ग का मेल।
4. समास (Compound)
दो या दो से अधिक शब्दों के मेल को समास कहते हैं।
- अव्ययीभाव: पहला पद प्रधान और अव्यय (जैसे: यथाशक्ति)।
- तत्पुरुष: उत्तर पद प्रधान (जैसे: रसोईघर)।
- द्विगु: प्रथम पद संख्यावाचक (जैसे: नवरत्न)।
- द्वंद्व: दोनों पद प्रधान (जैसे: राम-लक्ष्मण)।
- बहुव्रीहि: अन्य पद प्रधान (जैसे: लंबोदर - गणेश)।
Course4All Editorial Board
Verified ExpertSubject Matter Experts
विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार और सत्यापित सामग्री। यह सुनिश्चित करता है कि आप केवल सबसे सटीक और परीक्षा-उन्मुख जानकारी सीखें।
Pattern: 2026 Ready
Updated: Weekly
Found an issue or have a suggestion?
Help us improve! Report bugs or suggest new features on our Telegram group.